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एक्स्ट्राकोन ओपन : प्रग्गानंधा का जलवा, बने विजेता

30/07/2019 - भारत के नन्हें सम्राट प्रग्गानंधा अब वो रफ्तार पकड़ रहे है जिसकी उम्मीद उनसे हमेशा से की जाती रही है ।अपने खेल जीवन का सबसे बेहतरीन खेल दिखाते हुए 13 साल के प्रगगा नें स्कॉटलैंड मे हुए एक्स्ट्राकोन ओपन मे खेल की शुरुआत 21वे वरीय खिलाड़ी के तौर पर की थी पर उसका अंत विजेता बनकर किया । बेहद ही कड़े इंटरनेशनल ग्रांड मास्टर मुक़ाबले में प्रगगा नें गज़ब का खेल दिखाते हुए 10 राउंड में 8.5 अंक बनाते हुए 2741 रेटिंग का प्रदर्शन किया । उनकी बहन आर वैशाली नें भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपना पहला ग्रांड मास्टर नार्म हासिल कर लिया और वह साफतौर पर अगले वर्ष शतरंज ओलंपियाड के लिए भारतीय टीम में जगह की बड़ी दावेदार नजर आती है । अभी अभी इंटरनेशनल मास्टर बने भारत सुब्रमण्यम नें भी 16 वां स्थान हासिल करते हुए शानदार खेल दिखाया पढे यह लेख ।

Christian Bauer: The nasty Nimzowitsch Defence 1.e4 Nc6

The Nimzowitsch Defence, 1.e4 Nc6, is a lesser-known and by far less popular branch of opening theory from the great strategist Aron Nimzowitsch. Hence 1...Nc6 as an answer to 1.e4 can be used as a surprise weapon in your games.

पेरिस ग्रैंड चेस टूर - आनंद अभी भी अपराजित

29/07/2019 -

पेरिस ग्रांड चेस टूर रैपिड मुकाबलों का दूसरा दिन मेजबान फ्रांस की उम्मीद मेक्सिम लागरेव के नाम रहा,दुसरे दिन खेले गए तीन राउंड में 2 जीत और 1 ड्रा के साथ 2.5 अंक जुटाते हुए दो दिन के खेल के बाद उन्होने एकल बढ़त हासिल कर ली । हालांकि भारत के 5 बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद नें दूसरे दिन भी अपना मजबूत खेल जारी रखा और लगातार तीन ड्रॉ खेलते हुए ना सिर्फ दूसरे स्थान पर जगह बनाई हुई है बल्कि वह प्रतियोगिता मे अब तक अकेले अविजित खिलाड़ी भी है । अब तक खेले 6 राउंड में 4 ड्रा और 2 जीत के साथ आनंद 4 अंक बनाकर खेल रहे है ,तीसरे दिन अब तीन अंतिम मुक़ाबले खेले जाएँगे और देखना यह होगा की क्या आनंद यह खिताब अपने नाम कर एक बार फिर अपना लोहा दुनिया से मनवाएंगे । पढ़े यह लेख

एयर इंडिया की भक्ति फिर बनी नेशनल महिला चैंपियन

29/07/2019 -

तमिलनाडु स्टेट चेस एसोसिएशन से संबद्ध कैसल चेस एकेडमी और छेटीनाडु पब्लिक स्कूल के संयुक्त आयोजन में तमिलनाडु के छेटीनाडु पब्लिक स्कूल में 19 जुलाई से शुरू हुई 46वीं राष्ट्रीय महिला शतंरज प्रतियोगिता का शानदार समापन 27 जुलाई को हुआ। 64 खानों की इस राष्ट्रीय महिला शतरंज प्रतियोगिता की महारानी बनीं एयर इंडिया की व महिला ग्रांडमास्टर भक्ति कुलकर्णी। भक्ति ने पूरी प्रतियोगिता में अपना एक भी मैच नहीं गंवाया और 11 चक्रों के मैच 10 अंक बनाया। जो बाकियों से 1.5 से डेढ़ अंक अधिक है। खास बात यह रही की भक्ति ने चैम्पियनशिप का खिताब एक राउण्ड पहले ही अपने नाम कर लिया था। आखिरी राउण्ड उनके लिए महज एक औपचारिकता भर था। वहीं टाइब्रेक के आधार पर उपविजेता का खिताब पांचवीं सीटेड खिलाड़ी दिल्ली की वंतिका अग्रवाल ने अपनी झोली में डाला। वही तीसरे स्थान पर शतंरज जगत तेजी से अपने खेले से सभी को अचंभित और आनंदित करने वाली 13 वर्षीय महाराष्ट्र की युवा खिलाड़ी दिव्या देशमुख रहीं। दोनों ही खिलाड़ियों ने 8.5 हासिल किए। पढ़े नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

बेल इंटरनेशनल शतरंज - विदित गुजराती बढ़त पर

28/07/2019 -

स्विट्ज़रलैंड की खुबसूरत वादियों से भारत के लिए अच्छी खबर आ रही है भारत के युवा सितारे विदित गुजराती लय में लौट आये है ,कुछ समय से अपनी लय की तलाश में विदित संघर्ष करते नजर आ रहे थे पर आख़िरकार जीत की भूख के साथ तैयार और चौकन्ने विदित वापस आ गए है ,बेल इंटरनेशनल शतरंज फेस्टिवल में विदित नें अपने बेहतरीन प्रदर्शन से 4 राउंड में 2 जीत और 2 ड्रा के सहारे 3 अंक बनाते हुए  बढ़त हासिल कर ली है। अभी तक के अपने प्रदर्शन से विदित नें अपनी विश्व रैंकिंग और एलो रेटिंग में भी सुधार किया है अब उम्मीद यही है की वह अपनी इस शानदार शुरुआत का एक शानदार अंत भी करेंगे । 

पेरिस ग्रैंड चेस टूर - आनंद की धमाकेदार शुरुआत

28/07/2019 -

पेरिस ग्रांड चेस टूर में भारत के 5 बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद नें धमाकेदार शुरुआत करते हुए लगातार दो जीत दर्ज की और तीसरा मुक़ाबला ड्रॉ खेलकर 2.5 अंको के साथ पहले दिन के बाद सयुंक्त बढ़त हासिल कर ली । सबसे पहले उन्होने कार्लसन की अनुपस्थिति में खिताब के बड़े दावेदार और जबरजस्त लय में चल रहे रूस के इयान नेपोम्नियची को मात दी तो उसके बाद उन्होने नीदरलैंड के अनीश गिरि को पराजित किया । तीसरे राउंड में अमेरिकन फबियानों करूआना से ड्रॉ खेलते हुए पहले दिन का शानदार अंत आनंद नें किया । पढे यह लेख

बार्सिलोना डायरी 1 - 45 वां सिटजस इंटरनेशनल आरम्भ

25/07/2019 -

बार्सिलोना स्पेन में प्रतिष्ठित 45 वे सिट्जस इंटरनेशनल शतरंज चैंपियनशिप का शुभारंभ हो गया और इस बार भारतीय खिलाड़ियों में तीन नन्हें ऐसे सितारो पर नजर होगी जो या तो इंटरनेशनल मास्टर या ग्रांड मास्टर बनने की कतार में है । प्रतियोगिता में 22 देशो के 100 चुनिन्दा खिलाड़ी भाग ले रहे है। प्रतियोगिता के टॉप सीड उक्रेन के व्लादिमीर बकलन है । भारतीय खिलाड़ियों में फीडे मास्टर 13 वर्षीय एम श्रीसवन को सातवीं वरीयता दी गयी है जबकि 18 वर्षीय इंटरनेशनल मास्टर हरीकृष्णा आरए को बरहवी और 15 वर्षीय फीडे मास्टर अनुज श्रीवात्रि को 15वीं वरीयता दी गयी है । तीन राउंड के बाद तीनों ही प्रमुख खिलाड़ी 2 अंक बनाकर खेल रहे है । खैर एक बार फिर चेसबेस इंडिया के हिन्दी संपादक निकलेश जैन बार्सिलोना में है और आपके लिए लाये कई रोचक जानकरियाँ पढे यह लेख

भारत के छह नन्हे सितारों को क्रामनिक देंगे प्रशिक्षण

23/07/2019 - ब्लादिमीर क्रामनिक का नाम ही काफी है विश्व शतरंज जगत में उनके योगदान को रेखांकित करने के लिए जब उन्होंने विश्व शतरंज से इस जनवरी में एक क्लासिकल खिलाडी के तौर पर सन्यास लेने की घोषणा की तो दुनिया भर में फ़ैले उनके प्रशंसक दुखी हो गए और उन्हें लगा की क्लासिकल शतरंज का यह जादूगर अब उन्हें शतरंज में देखने को नहीं मिलेगा पर जैसा की तब भी क्रामनिक नें इशारा किया था की वह शतरंज से जुड़े रहेंगे अब क्रामनिक आये है एक नए रूप में जो वाकई बेहद खास होगा क्यूंकि अब वह बनकर सामने आये है एक प्रशिक्षक के तौर पर विश्व चैंपियन रहे किसी खिलाडी का अनुभव अगर प्रशिक्षक के पास होगा तो कहने के लिए ज्यादा कुछ बचता नहीं है की प्रशिक्षण लेने वाले कितने भाग्यशाली होंगे । खैर खुशी की बात यह है की क्रामनिक नें इसके लिए छह प्रतिभाशाली भारतीय खिलाड़ियों को चुना है और वह कौन है और कैसे होगा यह प्रशिक्षण उसके लिए पढे यह लेख

थाइलैंड चेस फेस्टिवलःभारत के इनियान बने उपविजेता

21/07/2019 - थाइलैंड शतरंज संघ के आयोजन में थाइलैंड के सबसे प्रमुख और खुबसूरत पयर्टन स्थल पटाया के ले बेली रिजोर्ट में बीते 9 जुलाई से 16 जुलाई तक फर्स्ट थाइलैंड चेस फेस्टिवल का सफल आयोजन किया गया है। आठ दिनों तक चले इस टूर्नामेण्ट में 19 देशों के खिलाड़ियों ने शतरंज की बिसात पर मोहरों के दंगल में एक-दूसरे को खूब पटखनी दी। ओपेन वर्ग में आयोजित इस टूर्नामेण्ट का खिताब टॉप सीटेड खिलाड़ी रुस के आईएम साइडेपोव झमसरन (2565) नौ राउण्ड के मैच में 7.5 अंक बनाकर अपने नाम कर लिया। वहीं उपविजेता का खिताब भारत के नये 61वें नंबर के ग्रांडमास्टर 17 वर्षीय पी ईनियान (2524) ने 7 अंक बनाकर जीत लिया। पढ़े नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

रिगा फीडे ग्रैंडप्रिक्स - मेक्सिम लाग्रेव पहुंचे सेमीफाइनल

17/07/2019 -

रिगा ,लातविया में चल रही फीडे ग्रांड प्रिक्स के राउंड 2 के क्लासिकल मुकाबलों के बाद एक बार फिर फ्रांस के मेक्सिम लाग्रेव बिना टाईब्रेक का सामना किए तीसरे राउंड में पहुँच गए है । पहले ही मुक़ाबले में उन्होने बुल्गारिया के पूर्व विश्व चैम्पियन वेसेलीन टोपालोव को मात देते हुए एक अंक की बढ़त हासिल कर ली थी और दूसरे मुक़ाबले में उन्होने आसान ड्रॉ खेलते हुए तीसरे चरण में प्रवेश कर लिया है । अन्य मुकाबलों में रूस के सेरगी कार्याकिन नें अमेरिका के वेसली सो से ,अजरबैजान के शकरियार ममेद्यारोव नें पोलैंड के जान डुड़ा से तो चीन के यू यांगी नें रूस के अलेक्ज़ेंडर ग्रीसचुक से ड्रॉ खेला और अब इनके बीच दो क्लासिकल राउंड के बाद स्कोर 1-1 है और सभी को टाईब्रेक के सामना करना होगा । खैर जो भी हो फीडे नें नियमों में जो बदलाव किए है उससे फीडे ग्रांड प्रिक्स रोमांचक हो गयी है । पढे यह लेख  

उम्मीद,जज्बा और प्रयास पर खेल रहा सबसे ख़ास

15/07/2019 -

14 जुलाई 2019 खेल की दुनिया से जुड़े रहने वाले खेलप्रेमियों के लिए हमेशा के लिए एक खास दिन बन गया । वैसे तो हर दिन दुनिया में कई बड़े मुक़ाबले होते रहते है पर कल जिस अंदाज में खेल अपने चरम पर पहुंचे उसने कल के दिन को हमेशा के लिए यादगार बना दिया । टेनिस और क्रिकेट की लोकप्रियता और दर्शक ज्यादा मुखर नजर आते है पर कल शतरंज के खेल नें भी विश्व को रोमांचित किया । यहाँ मेरा नजरिया एक शतरंज खिलाड़ी और विश्लेषक होने का है । और कल मुझे तीन अलग अलग खेलो नें कुछ इस कदर रोमांचित किया की मुझे लगा की हार जीत के परे एक खिलाड़ी होना और खेल से जुड़े होना ही अपने आप में एक बड़ी बात है । खेल आपको सिर्फ जीतना नहीं सिखाता खेल शालीनता से हार को स्वीकारना भी सिखाता है । खेल आपको मुश्किल से मुश्किल लम्हो में समहलना सिखाता है तो जीत के नजदीक जाकर हार से मुलाक़ात के लिए तैयार रहने को भी कहता है । तो आइये देखते है की शतरंज । टेनिस और क्रिकेट नें हमें कल किस कदर रोमांचित किया  

फीडे ग्रैंडप्रिक्स R1:G2 - हरिकृष्णा की निगाहें टाईब्रेक पर

14/07/2019 -

लातविया के रिगा में चल रही फीडे ग्रांड प्रिक्स स्पर्धा में पहले नॉक आउट राउंड के दोनों मुक़ाबले अमेरिका के वेसली सो से ड्रॉ खेलते हुए भारत के पेंटाला हरिकृष्णा अब आगे बढ्ने के लिए टाईब्रेक पर निर्भर है । पहले राउंड के पहले मैच में रोमांचक एंडगेम ड्रॉ खेलने वाले हरिकृष्णा दूसरे मैच में सफ़ेद मोहोरो से खेलते हुए ओपन कॅटलन ओपनिंग में शुरुआत से ही काफी स्थिर और मजबूत नजर आए और बिना किसी बड़े उतार चढ़ाव के मैच ड्रॉ रहा । अब हरिकृष्णा और वेसली सो के बीच सबसे पहले रैपिड टाईब्रेक मुक़ाबला खेला जाएगा और अगर तब भी परिणाम नहीं आया तो फिर ब्लिट्ज़ के जरिये परिणाम निकालने की कोशिश की जाएगी । तो आज शाम 6 बजे हिन्दी चेसबेस इंडिया यूट्यूब पर देखे सीधा हिन्दी विश्लेषण !

बंगाल के निलाश और समृद्धा बने अंडर 17 राष्ट्रीय विजेता

13/07/2019 -

केरल के अर्नाकुलम में द चेस एसोसिएशन केरला से संबंद्ध फोर क्वीन चेस क्लब के आयोजन में अर्नाकुलम स्थित ओबरोन मॉल में 29 जून से 7 जुलाई तक 30वीं राष्ट्रीय अण्डर-17 ओपेन और बालिका वर्ग की शतरंज प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के ओपन वर्ग का खिताब दूसरे सीटेड खिलाड़ी बेस्ट बंगाल के नवागत आईएम निलेश शाह (2315) ने अपने बेहतरीन खेल से अपराजित रहते हुए 11 मैचों में 9.5 शानदार अंक अर्जित का अपने नाम कर लिया। वहीं बालिका वर्ग में विजेता का ताज प्रतियोगिता में चौथी वरियता प्राप्त खिलाड़ी बेस्ट बंगाल की समृद्धा घोष के सिर सजा। समृद्धा ने प्रतियोगिता में 11 मैचों में 8.5 बेहतरीन अंक अर्जित कर अंक आलिका में सबसे उपर काबिज हो गई। ओपेन वर्ग के पहले,दूसरे और तीसरे और बालिका वर्ग में पहले स्थान पर कब्जा जमाकर बेस्ट बंगाल के खिलाड़ियों ने अपने शानदार खेल से पूरी प्रतियोगिता में डंका बजा दिया। प्रतियोगिता के ओपेन वर्ग में जहां 89 खिलाड़ियों ने वहीं गर्ल्स कैटेगरी में 55 खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। पढ़े नितेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

फीडे ग्रैंडप्रिक्स R1:G1 - हरिकृष्णा का शानदार बचाव !

13/07/2019 -

फीडे ग्रैंडप्रिक्स के पहले दिन भारत के ग्रांड मास्टर पेंटाला हरीकृष्णा नें अपने रचनात्मक खेल के जरिये काले मोहरो से अमेरिकन दिग्गज वेसली सो को ड्रॉ पर रोककर अगले राउंड मे पहुँचने की अपनी उम्मीद को मजबूती से कायम रखा है । मैच मे अपने घोड़े के बलिदान से पहले हरीकृष्णा नें खेल को रोचक बनाया और फिर खरब हो रही स्थिति मे अपने वजीर के अच्छे खेल से मैच को आसान ड्रॉ बना दिया । तो आज जब वह अगले राउंड मे सफ़ेद मोहरो से वेसली के खिलाफ होंगे तो वेसली पर काले मोहरो से जीत का दबाव होगा क्यूंकी टाईब्रेक मे अगरमैच जाता है तो हरिकृष्णा का उनके खिलाफ अच्छा रिकार्ड सो को मुश्किल मे दाल सकता है । खैर पहले दिन ग्रैंडप्रिक्स के अधिकतर मुक़ाबले ड्रॉ रहे और सिर्फ फ्रांस के मेक्सिम लागरेव नें चेक गणराज्य के डेविड नवारा को हराकर एकमात्र जीत दर्ज की । पढे यह लेख

फीडे ग्रैंडप्रिक्स - क्या वेसली सो को मात देंगे हरिकृष्णा?

12/07/2019 -

विश्व शतरंज चैंपियन को चुनौती देने का एकमात्र तरीका फीडे कैंडीडेट चैंपियनशिप का जीतना है और कैंडीडेट तक पहुँचने का एक रास्ता फीडे ग्रांड प्रिक्स से होकर जाता है । भारत के पेंटाला हरिकृष्णा के लिए आने वाली तीन ग्रांड प्रिक्स बेहद अहम है क्यूंकी यंही से वह अपने सपनों का सफर तय कर सकते है । आज से रूस के पड़ोसी देश लातविया के रिगा शहर में इस वर्ष की दूसरी ग्रांड प्रिक्स में हरिकृष्णा अन्य 15 दिग्गज खिलाड़ियों के साथ खेलते नजर आएंगे । पर बदले हुए फॉर्मेट में हरिकृष्णा को पहले ही राउंड में अमेरिकन दिग्गज वेसली सो से भिड़ना होगा और अगर उन्हे आगे जाना है तो दो गेम के इस मुक़ाबले में उन्हे जीत दर्ज करते हुए वेसलों को प्रतियोगिता से बाहर करना होगा । क्या हरिकृष्णा ऐसा कर सकेंगे ?

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क्या है कार्लसन की लगातार जीत के मायने ?

11/07/2019 -

मेगनस कार्लसन अपने खेल जीवन के एक और बेहतर दौर में प्रवेश कर चुके है और इस बार वह और ज्यादा अपराजित नजर आते है । क्रोशिया ग्रांड चैस टूर का खिताब अपने नाम करते हुए उन्होने लगातार आठवाँ विश्व खिताब अपने नाम कर लिया । पर यह सब कुछ यूं ही नहीं हो रहा इसके पीछे मेगनस की खुद को और बेहतर करने की इच्छा और जीतने की भूख होना दो अहम बाते है । जब पिछली दो विश्व चैंपियनशिप का परिणाम टाईब्रेक से निकला तो दुनिया में उनकी काफी आलोचना हुई पर अगर हम उनके पिछले दो प्रतिद्वंदियों कार्याकिन और कारुआना के मौजूदा प्रदर्शन की तुलना उनसे करे तो यह बात साफ हो जाती है की कार्लसन के आगे वह कहीं नजर नहीं आते । मेगनस कार्लसन को क्या कोई भविष्य में चुनौती दे सकेगा फिलहाल यह विश्वास किसी में भी नजर नहीं आता । खैर ग्रांड चैस टूर की उनकी यह जीत एक बार फिर खास रही वही भारत के विश्वनाथन आनंद इस प्रतियोगिता में 9 ड्रॉ खेलकर रक्षात्मक रहे । विश्व शतरंज चैंपियनशिप में करूआना से जीतने के बाद उनकी और करुआना के बीच रेटिंग का अंतर जी की ना के बराबर था आज बढ़कर तकरीबन 65 अंक हो चुका है और जिस तेजी से वह यह अंतर बढ़ा रहे है । यह सवाल भी सामने आने लगा है की क्या वह शतरंज इतिहास के अब तक के सबसे बड़े खिलाड़ी है ? पढे यह लेख